STORYMIRROR

Neer N

Abstract Others

2  

Neer N

Abstract Others

बात दिल की....

बात दिल की....

1 min
136

कभी ना कहना दिल की बात किसी से,

जान ले कोई तो अखबार हो जाती है

रोके से भी नहीं रुकता काफिला खबरों का

दिल में दबी थी जो, वो इश्तहार हो जाती है!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract