बांसुरी बोले नाम है राधा
बांसुरी बोले नाम है राधा
राधा के हृदय की धड़कन है कृष्ण,
कृष्ण की हर एक धारा राधा।
प्रेम की सूरत, भक्ति की मूरत,
बाँसुरी बोले—नाम है राधा॥
तुम बिन न कोई दिन गुज़रे,
तुम बिन न साँस ही चले,
हर धड़कन में नाम तुम्हारा,
हर पल तुम ही तुम मिले॥
राधा के हृदय की धड़कन है कृष्ण,
कृष्ण की हर एक धारा राधा…॥
तन का बंधन नहीं यहाँ,
हृदय का यह एहसास है,
कृष्ण बसे हैं राधा में,
राधा में अनंत निवास है॥
राधा के हृदय की धड़कन है कृष्ण,
कृष्ण की हर एक धारा राधा…॥
जहाँ प्रेम ही पूजा बन जाए,
वही वृंदावन धाम है,
राधा-कृष्ण की लीला में
डूबा हर एक प्राण है॥
