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ritesh deo

Abstract Children Stories

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ritesh deo

Abstract Children Stories

बाल दिवस

बाल दिवस

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एक बचपन का जमाना था

होता जब खुशियों का खजाना था,

चाहत होती चाँद को पाने की थी,

पर दिल तो तितली का दीवाना था,


खबर ना होती कुछ सुबह की,

ना कोई शाम का ठिकाना था,

थक हार कर आना स्कूल से,

पर खेलने तो जरूर जाना था


बचपन में सबसे अधिक पूछा गया एक सवाल…

बड़े होकर क्या बनना है?

अब जाकर जवाब मिला कि फिर से बच्चा बनना है।


सभी को बाल दिवस की ढेर सारी बधाई


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