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बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

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बिमल तिवारी "आत्मबोध"

Inspirational

बाकी हैं

बाकी हैं

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बसा लिया सौ आशियाँ मोहलत-ए-सियासत से ,

मगर भुगतने को ऐ सियासतजाँ अंज़ाम बाक़ी हैं !!


बस भागते रहना ही नहीं ज़िंदगी तेरी,

किसी के काम आने के लिए मक़ाम बाक़ी हैं !!



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