STORYMIRROR

GOPAL RAM DANSENA

Abstract

4  

GOPAL RAM DANSENA

Abstract

अवधारणा

अवधारणा

1 min
388

देश में अवधारणा जागृत है

कि लोग हर चुनाव में

एक खाका गढ़ते हैं

ये उम्मीदवार ऐसा होगा

हमारी उम्मीदें इससे है

हर प्रत्याशी यही सोच

एक जाल बुनता है,

कि सब वोट उसे मिले

मैं सिहासन पर

सब साहब सन्तरी

बन जाऊँ अगर मंत्री

एक उत्साह का

बवंडर चलता है

सब मन आशा की

आग मैं जलता है

एक अवधारणा

जो हर बार रूप बदलता है

फिर वहीं सबको छलता है I


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract