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ବିନୟ ମହାପାତ୍ର

Drama

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ବିନୟ ମହାପାତ୍ର

Drama

अतीत

अतीत

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पीछे मुड़कर मत देखो

अतीत जैसा एक बुरा सपना है,

किसी के लिए है 

कोणार्क का उजाड़ मुखशाला 


किसके लिए जैसा कोइ 

डरावनी भूतबंगला 

किसी के लिए परित्यक्त मधुशाला है ।


जब कभी पीछे देखें,  

तो कांपती है छाती

कभी-कभी आंखें भर जाती,

एक बार फिर उस उलटी धारा में  


वापस जाने को कभी मन नहीं करता

अनजाने डर से छाती कांप उठती।


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