Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

आ. वि. कामिरे

Abstract Drama Others


4.5  

आ. वि. कामिरे

Abstract Drama Others


असली पैसा

असली पैसा

1 min 248 1 min 248

अगर आये मन में 

तो खरीदूँ सारा संसार

क्योंकि पैसे से बड़ा 

नहीं बड़ा कोई दुनिया में आधार

पहले सोचता मैं भी ऐसा ही

चलती हर वक्त मेरी पैसे कि दौड़ नयी

पर जब आया मुझे समझ

कि खरीदा तो जा सकता है सब 

इस दुनिया में पैसो से अब 

यहाँ तक वो प्यार भी 

जो कल लगता था नासमझ

पर एक बात तुम बताओ

खरीद तो लोगे तुम सब कुछ

पर जरा जिंदगी को एक बार देख आओ

और तब समझ तुम जाओगे बहुत कुछ

कि , इस जिंदगी में 

हम चाहे जो खरीदे पैसो से

हमें ना कोई रोकने वाला


पर सोच के देखो जरा 

क्या इन पैसो से

वापस मिलेंगे तुम्हें वह बचपन के पल 

जिन्हें रखा है संभाल के तुमने हर पल

यही तो दुःख है मेरे दोस्त

भले ही पैसो से खरीदे संसार

पर फिर भी है हम गरीब 

क्योंकि नहीं खरीद सकते पैसो से

बचपन के वो सारे ख्वाब

अनमोल है वो जो नहीं तोले जा सकते पैसो से किसी

पर समझते क्यों हम ऐसा

कि सब कुक सकते खरीदे ऐसे ही

पर सत्य यह नहीं है 

भले ही हासिल क रलो तुम कितनी ही कामयाबी

पर वो बचपने का ताला 

खोलने के लिये चाहिये सिर्फ ख्वाबों कि चाबी

जिसे बहुत पहले ही खुद से दूर किया तुमने

इस के कारण सब लोग घुटन में है अपने मन में

करो दूर इसे अपने से थोड़ा

तो महत्व समझ आयेगा तुम्हें असली पैसे का ..



Rate this content
Log in

More hindi poem from आ. वि. कामिरे

Similar hindi poem from Abstract