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Richa Goswami

Romance

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Richa Goswami

Romance

अरसे से बंद है दरवाजे

अरसे से बंद है दरवाजे

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जरा हौले से खड़काओ कई अरसे से बंद है दरवाजे

अरे मोहतरमा, घर के नहीं दिल के दरवाजे


सहेज के रखा है तेरी हर याद को , तेरे प्यार को

वो मीठी सी तकरार को


ज़रा हौले से खडकाओ दिल के दरवाजे को

अलबत्ता खड़काना क्या है, चले आओ पास अपने यार के।


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