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Aditya Yadav

Romance

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Aditya Yadav

Romance

अरमान बढ़ रहे हैं, चाँद को डूब जाने दो ।।

अरमान बढ़ रहे हैं, चाँद को डूब जाने दो ।।

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हे प्रिये, तुम..... 

आँखों से अश्कों को बह जाने दो, 

होंठों से लफ़्ज़ों को बयां होने दो, 

मन के प्रेम को निकल जाने दो, 

हृदय से हृदय को लगा लेने दो, 

हे प्रिये, .....

हमें तुम गले से लगा लेने दो, 

बालों को हवाओं में बिखराने दो, 

जुल्फों से मन को अब बहलाने दो, 

हमको तुम गले से लगा लेने दो.... 

....आदित्य... 

रात लंबी हो चुकी, चाँद को डूब जाने दो ।

अरमान बढ़ रहे, चाँद को डूब जाने दो ।।

                   


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