Bhoop Singh Bharti
Abstract
अर्जी सै या राम तै, कोरोना नै मार।
कोरोना के वार तै, बचा आज संसार।
बचा आज संसार, उपकार करो राम जी।
माचा हाहाकार, करो ये नेक काम जी।
नाम हुया बदनाम, बतावै सत्ता फर्जी।
कोरोना दो मार, यही सै म्हारी अर्जी।
झूमता बसंत है
कुंडलिया : "म...
कुंडलिया
कुंडलिया : "प...
हाइकु : नव वर...
रैड क्रॉस
गीत
गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।। गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।।
बस इल्तज़ा है ये मेरी सपनों के बाग में सच्चाई हो, संघर्ष हो, इंसा के ख्वाब में। बस इल्तज़ा है ये मेरी सपनों के बाग में सच्चाई हो, संघर्ष हो, इंसा के ख्वाब में...
जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल जाएं जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल...
एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं। एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं।
अरे मन से पुकारो, फिर देखो, हम तुम्हारे पास हैं, साथ हैं। अरे मन से पुकारो, फिर देखो, हम तुम्हारे पास हैं, साथ हैं।
गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा। गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा।
जो नष्ट होता है वह भ्रमजाल है वियोग- मायाजाल जब हम अपने भ्रम को स्वीकार कर लेते हैं ... जो नष्ट होता है वह भ्रमजाल है वियोग- मायाजाल जब हम अपने भ्रम को स्वी...
बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है? बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है?
यह कैसा आगाज है, जिसका दिखे न छोर। समय व्यर्थ होता रहे, हो जाता मन बोर। यह कैसा आगाज है, जिसका दिखे न छोर। समय व्यर्थ होता रहे, हो जाता मन बोर।
समय आज फिर आ गया, करने को मतदान। सोच समझ कर कीजिए, मत बनिए अज्ञान।। समय आज फिर आ गया, करने को मतदान। सोच समझ कर कीजिए, मत बनिए अज्ञान।।
सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्रों में झांक सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्र...
कई शासक तो युद्ध शिविरों में, करते शामिल नच लड़कियों को, कई शासक तो युद्ध शिविरों में, करते शामिल नच लड़कियों को,
ये पिंजरा ना भाता मुझको मुझे तिनकों का नीड़ बनाने दो ये पिंजरा ना भाता मुझको मुझे तिनकों का नीड़ बनाने दो
करे ऐसा जो खुद भले मिट जाये पर परोपकार की मिशाल बन जाये। करे ऐसा जो खुद भले मिट जाये पर परोपकार की मिशाल बन जाये।
ज्येष्ठ श्रेष्ठ जो लोग हैं, कब करते हैं क्रोध। पथ दिग्दर्शन वे करें, सत्य कराते बोध।। ज्येष्ठ श्रेष्ठ जो लोग हैं, कब करते हैं क्रोध। पथ दिग्दर्शन वे करें, सत्य करा...
प्यार लुटाने वाला ही जग में आकाश कहा जाता है। प्यार लुटाने वाला ही जग में आकाश कहा जाता है।
प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार। प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार।
जिन्हें जेलों में होने था, देश के ठेकेदार वो बन बैठे है जिन्हें जेलों में होने था, देश के ठेकेदार वो बन बैठे है
बूढ़ी मां... जिसने शायद कुछ सालों पहले खाना पकाना छोड़ दिया था वह पकवान बनाती है बूढ़ी मां... जिसने शायद कुछ सालों पहले खाना पकाना छोड़ दिया था वह पकवान बनाती है
तो मेरे कल कल करते पानी से हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखे। तो मेरे कल कल करते पानी से हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखे।