अपनी गलती स्वीकार करना
अपनी गलती स्वीकार करना
सबसे मुश्किल काम है यारों
गलती अपनी स्वीकार करना
दूसरों को मैदान जीता कर
हार अपनी स्वीकार करना।।
दर्द देकर जो मुस्काए
फिर भी उससे प्यार करना
लोग सताते तुमकों हर पल
फिर भी उसका भला ही करना।।
तीव्रता को छोड़ कर अपनी
धारण धैर्य हृदय करना
त्याग आराम इस जीवन से
ना उत्साह को धारण करना।।
मंजिल आए पास तेरे तो
शंका का घर मन में करना
जीती बाजी हार के अपनी
गलती अपनी स्वीकार करना।।
दर किनार कर अपने अनुभव
नौसिखियों सा व्यवहार करना
तेरी वजह से हार मिली तो
खुशी से सब स्वीकार करना।।
