Smita Walhekar
Drama
जो चाहिये वो मिलता नहीं,
जो है उसकी कदर नहीं...
मिलेगा उतना ही जैसी
आपकी नियत है।
मन साफ है तो
उसी मैं बरकत हैं।
किस्मत ही जीवन है
छोड़ो, बहुत ही कंफ्यूजन है
अपनी अपनी किस्मत है...।
अपनी अपनी किस...
आतंकवादियों द्वारा हमला किया जा रहा है। जो धर्म के नाम पर मारते और नष्ट करते हैं। आतंकवादियों द्वारा हमला किया जा रहा है। जो धर्म के नाम पर मारते और नष्ट करते...
फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ? फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ?
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
न नारी अबला होती है और न ही औरत लाचार होती है। न नारी अबला होती है और न ही औरत लाचार होती है।
दो राहें थी, इक घर को इक सपनों की ओर चली...। दो राहें थी, इक घर को इक सपनों की ओर चली...।
पापा तुम्हें कह नहीं पाती, हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ। पापा तुम्हें कह नहीं पाती, हर शुक्रिया से ज्यादा तुम्हें प्यार करती हूँ।
छंदमुक्त कविता...! छंदमुक्त कविता...!
हर बार दर्द सहकर मैंने तो यही सीखा, "मौत तू एक ख़ूबसूरत कविता है जिसे मैं रोज गुनगुनाऊँगी जब तक तू ... हर बार दर्द सहकर मैंने तो यही सीखा, "मौत तू एक ख़ूबसूरत कविता है जिसे मैं रोज ग...
ख़ुशी तो जी बस इतनी है जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं, किसी ने आज तक धर्म नहीं पूछा मज़ारों में... ख़ुशी तो जी बस इतनी है जब भी सुकून की तलाश में निकलें हैं, किसी ने आज तक धर्म ...
कई स्वर्णिम चतुर्भुज और बनाने, हाँ, अटल तुम फिर से आना...! कई स्वर्णिम चतुर्भुज और बनाने, हाँ, अटल तुम फिर से आना...!
यातनाएं सही तन और मन पर गहरी पीड़ा सही, यातनाएं सही तन और मन पर गहरी पीड़ा सही,
चाहे कितना घनघोर अँधेरा छाया है कर्मवीरों ने अमावस को पूनम बनाया है। चाहे कितना घनघोर अँधेरा छाया है कर्मवीरों ने अमावस को पूनम बनाया है।
मैं तुझे हार कर मेरी ऐ दोस्त, फिर कहीं दूर, बहुत दूर चला जाऊँगा...! मैं तुझे हार कर मेरी ऐ दोस्त, फिर कहीं दूर, बहुत दूर चला जाऊँगा...!
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ
वह भोर के तारे से अधिक गोरा, और चन्द्रमा से भी अधिक सफेद है, वह भोर के तारे से अधिक गोरा, और चन्द्रमा से भी अधिक सफेद है,
खामोशी, कहने को तो महज अल्फ़ाज़ है, लेकिन इसका अर्थ कुछ और है, खुद में इतने सारे अल्फाजों को समेटे ह... खामोशी, कहने को तो महज अल्फ़ाज़ है, लेकिन इसका अर्थ कुछ और है, खुद में इतने सारे...
मंजिल नाम अपने इस बार कर चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...! मंजिल नाम अपने इस बार कर चल उठ प्रण कर ना क्षण एक बेकार कर...!
मेरे मन के युद्ध मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे। मेरे मन के युद्ध मुझे तेरी पूजा ना करने देंगे।