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Pradeep Pokhriyal

Romance

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Pradeep Pokhriyal

Romance

अपने

अपने

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वो जो तुम्हारा हाथ 

था कंधे पर मेरे।

हवाओं ने बताया,

कितने अपने थे।

चला जो साथ,

अमावस में।

कहा चिराग ने,

वो सपने थे। 

रहोगे उम्र भर,

जुबाँ पर तुम।

नज़ीर बन गए वो, 

जो कभी अपने थे। 


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