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Mukesh Bissa

Abstract

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Mukesh Bissa

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अपने घेरे में

अपने घेरे में

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अपने ही घेरे में


कुछ लोग अपने ओहदे में इतने खो जाते है

अपने से छोटे लोग उन्हें नजर नहीं आते।


जिन्हें औरों का चेहरा पढ़ना आता है

उनकी आंखों में आँसू नज़र नहीं आते।


 पुराने दिनों की यही खासियत है

 वे फिर कभी भी लौटकर नहीं आते।


इतिहास के पन्नों को सहेज के रखना

बुरे ज़माने कभी पूछकर नहीं आते।


बुरा सलूक हमेशा जेहन में रखना

 वो दाग है जो दिखाई में नहीं आते।


लोग बना लेते है ऐसा नजरिया

जिनके विचार कभी सामने नहीं आते।


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