STORYMIRROR

Ramdev Royl

Inspirational

3  

Ramdev Royl

Inspirational

अन्याय

अन्याय

1 min
362

अन्याय चारो तरफ बढ रहा

पता नहीं कोन उसे मिटाएगा

अब तुम शस्त्र उठा लो

अब कोई ना तुम्हे बचाएगा


अन्याय पहले भी हुआ था

ना हाथरस कांड आखिर होगा

फिर पता नहीं कब न्याय होगा

अब तुम शस्त्र उठा लो

अब कोई ना तुम्हे बचाएगा


अन्याय का फैलाव चारो ओर बढ़ रहा

अब कौन उसे मिटाने आगे आएगा

अन्याय होने के बाद चलती रहती है

जांच विभिन्न सरकारी कार्यालों में

अब जिनके साथ अन्याय हुआ है

अब कोन उसको न्याय दिलाएगा

अब तुम शस्त्र उठा लो

अब कोई ना तुम्हे बचाएगा!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational