अनंत आकाश
अनंत आकाश
अनंत आकाश की क्या बात करूं
रहस्यों से भरा, हर दिन कुछ नया दिखलाए,
उत्सुक मन को और भी ऊँचा उड़ाए।
आकांक्षाओं का ये खुला विस्तार,
हर उत्साही को दे नव-अविष्कार।
नील गगन में है शांति का घर,
देखते ही मिटे मन का हर डर।
प्रेरणा बन जाए हर इंसान के लिए,
मेहनत करे जो, ऊँचाई मिले उसे दिए।
हौंसलों को पंख देता है आसमान,
अनंत है, पर रोकता नहीं किसी का अरमान।
स्वरचित कविता
