अँगूठी
अँगूठी
एक ख्वाब है अंगूठी,
कभी सोचते है,
फूलो से बनी ,
रंग बिरंगी सी,
जिसमे प्यार के,
बसे हों सारे रंग
लाऊँ मै एक ,
ऐसी अँगूठी।।
कभी सोचते हैं ,
जिंदगी की एक शुरुआत हो,
नई सी पहचान हो,
मै लाऊँ पहनाऊं,
एक छल्ला ,
प्यार से बना ,
ख्वाबों से मिला,
लाऊँ मै एक ..
ऐसी अँगूठी।।
कभी सोचते हैं
चाँदी जैसी चमक हो,
चेहरे पर तेरे नूर हो,
सोने के जैसा
हो एक अँगूठी,
ऐसी उंगली में
जो खुद में एक हूर हो।।
लाऊँ मै एक ,
ऐसी अँगूठी।।
सोने से बनी,
नक्काशी हो खरी,
देखे कोई तो,
दीवाना हो जाए,
वो अँगूठी नहीं,
तेरे उँगली में पड़े ,
तो खजाना हो जाए,
लाऊँ मै एक,
ऐसी अँगूठी।।
हीरे से बनी,
रत्नों से जड़ी ,
सबका मन जो हर लें,
एक ऐसी अँगूठी,
उँगली में जिसकी,
कीमत बढ़ जाए उसकी,
लाऊँ मै एक ,
ऐसी अँगूठी।।
एक ख्वाब है अँगूठी,
जो दिल से जुड़ी रहे,
वो साज है अँगूठी।।
