अंग दान है महान
अंग दान है महान
आत्मा ज़ब शरीर छोड़कर
करती स्वर्ग को प्रयाण
रहता नहीं कुछ भी शेष
जीव में निर्जीव होकर
बनता राख जलकर
जल में मिलकर
बन जाता जल
जलके बनते राख
शरीर के अंग
ना करो मोह
करो दान
अपने अपनों के अंग
खुश होकर
अंग देते किसी
दूसरे को जीवन
जीवित रहते वो भी
जब तक जीवन
जीता वो तन
इससे बड़ा नहीं
कोई पुण्य
करें अपने अपनों
के दान अंग
किसी को
दिल, यकृत, वृक्क
आँखें, चमड़ी, चाहे
हो कोई अंग
करदो अपना शरीर
सम्पूर्ण दान
कहते जिसे देहदान
यही है जीवन का
सबसे बड़ा दान
इंसान बन सकता
सबसे महान
करके अपना
शरीर दान
कोई जीता
पाकर दिल
आँखें पाकर
देखता हर पल
मिल जाती
जीवन को तरंग
भर जाती
जीवन में उमंग
जिसको मिल जाते
हैँ किसी के अंग
करो दान
अपने ओर अपनों
के अंग
रह जाये ये
दुनिया सुनकर दंग
किये किसी ने दान
अपने ओर अपनों के अंग
करके अपनी त्वचा
दूसरों को दान
जिससे होगा कई
शरीर के जलों
का उत्थान
राजस्थान में बना
पहला त्वचा
बैंक प्रत्यारोपण
सफल होगा
उनका अभियान
यही एक सन्देश
देते सबको महान
करें अपने अंगों का
मृत्यु परान्त दान
जिससे मिले कई
जीवों को जीवन दान
उनका जीवन हो गया
अमर
रहेंगा वो जिन्दा
हर दिल हर पल
देखेगा हर वो अंध
जिसने पायी
किसी की आँख
याद करेंगे दुनिया
वाले उनको
नहीं किया किसीने
ये आज तक
रहेंगे कृतज्ञ सब
जिनको मिलेगी त्वचा
से एक नयी जिंदगी
यही है ईश्वर की
सबसे बड़ी बंदगी
करो ये बंदगी
इससे बड़ी नहीं
कोई ओर अराधना
मिलेगा फल सो वर्ष
करी हो साधना
करो ये साधना
करो ये साधना।
