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Brijlala Rohanअन्वेषी

Abstract Action

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Brijlala Rohanअन्वेषी

Abstract Action

ऐलान

ऐलान

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हमें बदनाम करने की असफल प्रयास करके

 क्या तुम हमारा उखाड़ लोगो ?

हैसियत क्या है तेरी ?

देखते हैं हम भी क्या तुम हमारा बिगाड़ लोगो ?


समय अभी अनुकूल नहीं !

इसलिए फिलहाल हम मौन हैं।

सही समय का इंतजार करो तुम ,

हम भी बतला देंगे की हम कौन हैं ?

मुकाबला हमारा कर नहीं सकते !


इसलिए हमें बदनाम कर रहे !

बराबरी करने की कभी बात भी मत सोचना !

ये तेरे जैसे कायरों के बस की बात नहीं !

मगर एक बात तुम सदैव याद रखना,

आसमान में थूकने पर छींटा उलट कर नीचे ही आता है।


किस वहम में तुम जी रहे हो ?

तुम्हारे कुकृत्य का अंजाम बहुत बुरा होगा !

लहजा भले ही बदला होगा हमारा,

मगर इंतकाम एक दिन अवश्य ही पूरा होगा।


जिस नफरत की बीज जो तुम आज बो रहे हो ?

फसल काटने के लिए भी तुम ही तैयार रहना। 


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