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Pinki Khandelwal

Inspirational

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Pinki Khandelwal

Inspirational

अहमियत मेरे दोस्तों की मेरी जिंदगी में।

अहमियत मेरे दोस्तों की मेरी जिंदगी में।

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बचपन से अकेली थी मैं,

नहीं था कोई अपना मेरा,

बस बेचारी सी एक कोने में,

बैठी रहती थी हर पल,


पर मिला जब से तू,

मानो नयी जिंदगी मिल गई हो,

मेरी उदास भरी जिंदगी में,

नये रंग भर गये हो,

मिला जबसे मुझे तू,

मानो,

जीने के नये बहाने मिल गये हो,


ए दोस्त तू मेरी खुशियों का संसार है,

मेरे होंठों की मुस्कान है,

मेरे जीने का सहारा है,

तेरी यारी मेरे चेहरे पर लाती खिलखिलाहट है,

मेरे हर सुख दुख का है तू साथी,

मेरी जिंदगी का सफर कुछ यूं रूक सा गया था,

अब तेरे आने से खुशनुमा हो गया,


ए दोस्त जब से तेरी यारी मुझे मिल गई,

जब से मेरी जिंदगी बन गई,

जीने की एक उम्मीद जग गई,

अकेली था बहुत अब तेरा साथ मिल गया,

मानो दुनिया ही मिल गई नयी,


ए दोस्त अब ढूंढने लगी हूं खुशियों को,

जो पहले खोई खोई सी रहती थी,

अब हंसने और खिलखिलाने लगी हूं मैं,

ए दोस्त तेरी दोस्ती ने,

बदल दिया मुझे और मेरे मन को,

अब रहती हूं खुश में,

करती हूं साथ तेरे शरारतें,


न जाने बचपन कहां खो सा गया था,

तेरे आने से बचपन को जीने लगी हूं मैं,

साथ तेरे खेलने लगी हूं मैं,

जो कोने में बैठी रहती थी कभी,

वो आज कोने में जाने से कतराती है,


ए दोस्त जब से मिला तू,

जीवन को जीना सीख गई हूं मैं,

सच कहते हैं सब,

दोस्तों के बिना क्या ज़िंदगी,

और क्या बचपन की मस्ती,

सचमुच,

दोस्तों के बिना बेरंगी सी जिंदगी थी मेरी,

अब तेरे आने से हो गई रंगीन,

सचमुच,

दोस्तों की अहमियत अब समझने लगी हूं,

जब से जाना तुझे ए दोस्त,

दोस्तों की कीमत समझने लगी हूं।



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