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Rekha gupta

Inspirational

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Rekha gupta

Inspirational

अधूरी ख़्वाहिशें

अधूरी ख़्वाहिशें

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गहरी चुप्पी, एक सन्नाटा सा पसरा है,

सब कुछ थमा थमा सा लगता है,

गहरी, लम्बी सुरंग सी तन्हाई ,

न कोई आहट, न कोई आवाज़,

बस दिल में गहरे,

कहीं एक रिक्तता,

एक उदासी,


दिल में एक,

अपूर्णंता का शोर,

कुछ अधूरी ख़्वाहिशों की,

दिल में दस्तक,

मन को कचोटते,

झूठे कसमे वादे,

सब कुछ अनसुलझा सा,

अंधेरे की तरह गहरा,

और गहरा होना,

ये मनःस्थिति -


जीवन का एक पहलू भर है,

अभी जीवन का संघर्ष,

बहुत बाकी है,

सब कुछ धुँधला,

हो जाने पर भी,

उम्मीद बाकी है ।



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