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Manoj Murmu

Abstract

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Manoj Murmu

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अधूरा हूँ!

अधूरा हूँ!

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क्यों दूर जाना चाहती हो मुझसे

क्या मैं इतना बुरा हूँ?

छोड़ के मत जाना प्यारे...

तुम बिन मैं अधूरा हूँ।


तुम्हीं तो मेरी जिंदगी हो

तुमको अपना मानता हूँ।

छोड़ के मत जाना प्यारे...

तुम बिन मैं अधूरा हूँ।


तुम्हीं से मेरी सुबहो-शाम है

तुम्हीं को तो जान मानता हूं।

छोड़ के मत जाना प्यारे...

तुम बिन मैं अधूरा हूँ।


तुमसे जुड़ा हर ख्वाब लाजवाब है

तुम्हीं को मंजिल मानता हूं।

छोड़ के मत जाना प्यारे...

तुम बिन मैं अधूरा हूँ।


चलती राह भी रुक जाती है,

जब तुमको याद करता हूँ।

छोड़ के मत जाना प्यारे...

तुम बिन मैं अधूरा हूँ।



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