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Ramashankar Roy 'शंकर केहरी'

Inspirational

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Ramashankar Roy 'शंकर केहरी'

Inspirational

अभी बाकी है

अभी बाकी है

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उम्मीद अभी जिंदा है आगे उम्र अभी बाकी है

अभी क्यों उठना, सहर की नींद अभी बाकी है।।


हर घर तक रात का आना अभी बाकी है

शहर को मुसीबत का इंतजार अभी बाकी है।।


मनगढ़ंत कहानी का भ्रम अभी बाकी है

इसे अलग सियासी रंग देना अभी बाकी है।।


शिक्षा मिल गई मगर ज्ञान अभी बाकी है

जागना क्या अपने हिस्से की नींद अभी बाकी है ।।


अपनों के बीच आप जैसा बनना अभी बाकी है

दुनिया में आया हूँ , द्विज बनना अभी बाकी है ।।



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