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Manoj Kumar

Romance

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Manoj Kumar

Romance

अब नैनो से बहते आंसू

अब नैनो से बहते आंसू

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अब नैनो से बहते आंसू।

जो बहुत दूर गए हो तुम।।

इंतजार है यहां पर।

पुकारती है धड़कन, आते नहीं हो तुम।।


गुजरेगा नहीं सफर तुम्हारे बिन।

यूं ही तन्हाई में।।

बार- बार राहें देखती हूं कब आओगे।

क्या गलती हुई रुसवाई में।।


जो टपकते है आंचल पर आंसू।

क्या सुनाई नहीं पड़ता।।

थक गई हूं सोच- सोच कर तुम्हारे बारे में।

ना हंसी आती है, ना ही जी करता।।


तरस गई है नैन मेरी, तुम्हारी राहें देखकर।

कब आओगे और पुकारोगे।।

कब तक पोछू आंचल से छिपकर।

बोलो! क्या संदेशा भेजोगे।।


मैं बावनी हूं तुम्हारे प्यार में।

अब तो रूठना मुश्किल है तुझसे।।

उम्र भर मै राहें देखूंगी साथी।

जो प्यार जीवन भर निभाना है तुमसे।।


ये बहते आंसू कुछ बोल भी नहीं पाते।

क्यों ऐसे रो रही तू पगली।।

कम तो हो जाता दिल के गम।

बंधन बंध जाते और बजती डफली।।



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