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Prakash Wankhede

Abstract

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Prakash Wankhede

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आज़ादी हासिल करते रहेंगे

आज़ादी हासिल करते रहेंगे

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कल भी तुम चुपके से हमला करते थे

आज भी तुम चुपके से हमला करते हो

हमने कल भी कलम से जवाब दिया

आज भी कलम से जवाब देते रहेंगे

हाँ, हम आज़ादी हासिल करते रहेंगे


आदिलशाही, निजामशाही,

मोगलशाही खत्म करनेवाले हम

पेशवाई को दफ़नानेवाले हम

अंग्रेजोको झुकानेवाले हम

शूरवीरों की नस्ल हमारी

हम शूरवीरों की तरह लड़ते रहेंगे

हाँ, हम आज़ादी हासिल करते रहेंगे


भारत की सीमा,

भारत के लोगों की जिम्मेदारी हमारी है

महार बटालियन, मराठा बटालियन,

सिख बटालियन,आदि बटालियन

तुम्हारी कौनसी बटालियन ?

आप कल की तरह ही भागते रहोगे

हमारा संघर्ष हम जारी रखेंगे

हाँ, हम आज़ादी हासिल करते रहेंगे


मानवता की जाति हमारी है

मानवता का धर्म हमारा है

हम मानवता के मोटे हैं

बिना किसी जाति के भेदभाव के

हम मानवता बनाए रखेंगे

हाँ, हम आज़ादी हासिल करते रहेंगे


हम बुद्ध के अनुयायी हैं

सम्राट अशोका की विरासत हम हैं

हम शिवाजी के लोग हैं

हम बाबासाहब का संविधान हैं

हमारे दावे के लिए

हमारे अधिकारों के लिए

हम दिन-रात संघर्ष करते रहेंगे

हाँ, हम आज़ादी हासिल करते रहेंगे।


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