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Mukesh Kumar Goel

Abstract

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Mukesh Kumar Goel

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आर-पार की लड़ाई!

आर-पार की लड़ाई!

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 लड़ाई अब आर-पार की लड़नी है

बहुत हुआ सहना अब ये

गन्दगी सहन नहीं करनी है

लड़ाई अब आर-पार की लड़नी है।


या तो अब सरकार जगे

नहीं तो हुँकार जनता ने भरनी है

लड़ाई अब आर-पार की लड़नी है।


पापी को जड़ से मिटाना होगा

धरती का कलंक हटाना होगा

आगे बढ़ कर हम सबने

दुष्टों की जान हरनी है

लड़ाई अब आरपार की लड़नी है।


कोई दुःशासन छू ना पाये

किसी द्रोपदी के आँचल को

आओ हम सबने आँचल में

इतनी अग्नि भरनी है

लड़ाई अब आर-पार की लड़नी है।


क्या हम इतने कायर हैं

बचा सकें न बहनों की इज्ज़त ?

इस कायरता से तो अच्छा

जान हथेली पर धरनी है

लड़ाई अब आर-पार की लड़नी है।


हथियार उठा कर लड़ना होगा

नहीं किसी से डरना होगा

अब आँच न आये किसी बहन पर

हर दुश्मन को मरना होगा

सब को ये पाठ पढ़ाना होगा।


हर बहन की इज्ज़त करनी है

लड़ाई अब आरपार की लड़नी है।


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