आजादी
आजादी
हर पीढ़ी के आजादी के अर्थ अलग हैं...
मेरे पिताजी की पीढ़ी कहा करते थे...
देश गुलाम था...
देश को गुलामी से आजाद करवाना था...
पिताजी अपने पिता के कमरे में...
गर बुलाया जाय तो जाते थे...।।१।।
हमारी पीढ़ी का जन्म...
आजाद भारत में हुआ...
हम वो आखरी पीढ़ी हैं...
जो अपनों से बुजुर्ग का सुना करते थे...
हमारी पीढ़ी अपने पिता के कमरे में...
बिना बुलाए चले जाते थे...।।२।।
हमारी अगली पीढ़ी...
इस पीढ़ी ने...
आजादी का अर्थ के मायने बदल दिए...
बहुत बार तो ऐसा लगता है...
यह पीढ़ी अर्थहीन दिशाहीन है...
बाहरी जग का प्रभाव इस पीढ़ी पर ज्यादा है...
बेटे, बेटी मां और पिताजी के दोस्त बन चुके हैं...।।३।।
मेरी पीढ़ी एक ऐसी पीढ़ी है...
जो अगली पीढ़ी का सुनती है...
उनके साथ चलने का प्रयास करती है...
पर नहीं हो पाता उनसे...
यह कहके रुक जाते हैं...
क्या यही है आजादी ?
