STORYMIRROR

Anita Sharma

Inspirational

4  

Anita Sharma

Inspirational

आजादी का महोत्सव

आजादी का महोत्सव

1 min
313

घर घर तिरंगा लहराया

हमने आजादी का महोत्सव मनाया,

पर आज भी हमने स्त्रियों के लिऐ 

अपने विचारों को बदल न पाया।

परदे में स्त्री रहे इस सड़ी गली मानसिकता के

 आज भी हम गुलाम है,

75वें स्वतंत्रा दिवस पर हम स्त्रियों को

भी अपने हिस्से की स्वतंत्रता पाने की दरकार है।

न जाने कब स्त्रियों के जीवन में वो अमृतदिवस आयेगा?

जब सभी की नजरों में स्त्रियों को समान समझा जायेगा!

दिन हो या रात कहीं भी जाने का हो मुद्दा,

बिना डरे निकल सकें वो न हो कहीं भी उनकी असमत को खतरा!

मिल जायेगी जब उन्हें इस तरह की सुरक्षा

सच तब आजादी के मायने होगें,

तभी हम पूरी तरह आजादी का महोत्सव 

मनाने लायक के काबिल होगें।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational