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Arun Gode

Abstract

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Arun Gode

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आज का जुगाड़ू चाणक्य.

आज का जुगाड़ू चाणक्य.

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इतिहास में दर्ज चाणक्य की है असली पहचान, 

जनहित, राष्ट्रहित में उसका कार्य रहा था महान।

जुल्मी शासन व्यवस्था को उसने किया निष्प्राण, 

स्थापित किया था जनहित में राज्य में सुशासन। 

 

आज भी कई चाणक्य जन-शासन में हैं विद्यमान,  

जनहित, राष्ट्रहित के आगे रखते वह खुद का ध्यान। 

उन्हें होती नहीं कभी जरा भी चिंता जन व राष्ट्रपतन,  

क्योंकि वे होते हैं राष्ट्रद्रोही जुगाड़ू चाणक्य पूर्णकालीन?


लोकतंत्र के हत्या में होता हैं उसका निरंतर रुझान, 

नीच, भ्रष्ट कूटनीति ही होती है उसकी सही पहचान। 

जन कल्याणकारी योजना का करता वह सदा ऐलान, 

हकीकत में वह कराता सदा अमीरों का ही कल्याण। 


संविधान का दुरुपयोग करना ही रहता उसका जुनून,  

आम जनता के भावनाओं का नित्य करता वह दहन। 

पक्ष और समर्पित मीडिया गाते उसके सभी गुणगान, 

चाणक्य के उपाधि से उसका होता पल-पल सम्मान। 


नेताओं के जुगाड़ू चाणक्य नीति से जनता सदा परेशान, 

अपनी ही चुनी सरकार से होती लाचार जनता हलकान। 

फिर भी चाणक्य रचता नये –नये लोकतंत्र में कीर्तिमान, 

जुगाड़ू चाणक्य क्या बचाएगा हमारा लोकतंत्र व संविधान ?। 


जुगाड़ू चाणक्य नेता का नहीं होता कोई ईमान,

उसकी हर सोच, कृति व चाल होती हैं बेईमान।

सभ्यता ,संस्कृति, विरासत को वह पहुंचाता नुकसान, 

जुगाड़ू चाणक्य नीति नहीं होगी देश हित में वरदान !।



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