आधुनिकता
आधुनिकता
आधुनिकता ! आधुनिकता ! आधुनिकता !
आखिर कौन सी बला है आधुनिकता !
तुम तुच्छ मानवों से पूछो तो बताओगे कि
भोग - विलास के साधनों की संकल्पना ही आधुनिकता है ।
कुछ सिरफिरे के लिए मरणासन्न अस्त्र-शस्त्रों का एकत्र संधान ही आधुनिकता है।
कुछ अपने आप को खोजी कहने वालों के लिए अपनी वसुंधरा को अनदेखी कर
दूसरे पिंडो पर आशियाना तलाशना ही आधुनिकता है।
इन अधम मानवों के लिए दूसरे प्राणियों के प्रति निष्ठुर, निर्दयी भाव रखकर अपनी उन्नति की उत्कंठा ही वस्तुतः आधुनिकता है !
अरे! हत्यारों आधुनिकता दूसरों के आशियां उजाड़ने में नहीं !
अपितु दूसरों के घर बसाने में है।
आधुनिकता हँसती -खेलती दुनिया को मातम में बदलने में नहीं!
आधुनिकता तो प्रेम -करूणा -दया -सद्भावना का भाव को जागृत करने में है। आधुनिकता प्राणिमात्र के गरिमा की रक्षा करने में है।
आधुनिकता सिसकती आवाज को दबाना नहीं !
आधुनिकता तो मूक ,भाषाविहीन जीवों की भावना समझने में है।
वस्तुतः "जीयो और जीने दो " के सूत्र को आत्मसात् करना और "वसुधैव कुटुंबकम " को हृदयगम कर जीना ही वास्तविक, असली , सच्ची और सतत् आधुनिकता की बुनियाद है।।
