Anita Mandilwar Sapna(world record holder)
Fantasy
पृथ्वी एक
रहस्यमयी कृति
माँ के समान
बच्चों के लिए
गढ़ती रहती
नव कृतिमान
कितने रहस्य छिपाए
आंचल में अपने
आज भी जान
नहीं पाया कोई
अदृश्य आकृतियाँ
कभी दृश्य प्रतिमान
सोच से ऊपर
गूढ़ रहस्य !
दोस्ती बनें म...
सरहदें
ऑपरेशन सिंदूर...
पढ़ना बहुत जर...
अलौकिक प्रेम
वर्ष का अंतिम...
तितली
मानसून
महाश्वेता देव...
मिनीमाता' (फर...
'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' ए... 'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे...
फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो फिर हवाओं में कहीं गुम हो जाती वो
रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...! रूह से रूह ने मिलके सीखा देह का हर एक दाग़ छुपाना...!
आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था आईं मिथिला की राजकुमारी वधू बनकर तुम्हारा अहोभाग्य था
आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते हैं ! आओ दोनों यह सुख-दुःख का जाम पी लेते हैं जो बची है ज़िन्दगी चलो एक साथ जी लेते है...
एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी' एक कविता - : 'सबसे भूखा आदमी'
मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यारी है तो मोहब्बत नाम हटा देना इतिहास -भविष्य के ख्यालों से, मन के भावों से, जान प्यार...
मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा के लिए। मंत्रमुग्ध होकर इश्क़ की हरी ज़मीन पर जिंदगी के बाद भी, उम्र के बाद भी हमेशा ...
या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा? या हर हासिल की ऊंचाई में एक खोखलापन रह जाएगा?
रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, तुम तो अब नादाँ नहीं... रह लेता हूँ मैं भी अकेला, जैसे रहती हो तुम भी खोई, ये बेपरवाही या और ही कुछ है, ...
इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता। इस हरे-भरे जंगल में, समय का कोई पता नहीं चलता।
मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा बहाना ना मैं भी शायद गलत वक्त पर गुलाब था ले आया वो बेहद शर्मा गई थी उसे कोई अच्छा ब...
मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी। मिल गयी दुनियां के झमेले में जान मिल गयी।
कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था! कोरे कागज़ पर रंग बिरंगी स्याही से, दिल के अरमानों को उकेरा था!
वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत वात्सल्य उनकी आँखों का वर्णन से है दूर बहुत
मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा। मृत्यु का आगमन, एक निश्चित सत्य, जीवन की चरम सीमा, अन्त की यह प्रेरणा।
उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा। उन यादों को मन कभी ना भूल पाएगा ताउम्र यादों को जेहन में लेकर चलता जाएगा।
उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा। उसमें है जीवन की गाथा, हर राज का खुलासा।
कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है कभी सामने आ खड़ी हो जाती है कभी कदमों के नीचे आ जाती है
ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था ब्रज भूमि तो पिया की मोरे लीला का स्थल था, सीखना जो सबको पाठ अमर था