Anita Mandilwar Sapna(world record holder)
Fantasy
पृथ्वी एक
रहस्यमयी कृति
माँ के समान
बच्चों के लिए
गढ़ती रहती
नव कृतिमान
कितने रहस्य छिपाए
आंचल में अपने
आज भी जान
नहीं पाया कोई
अदृश्य आकृतियाँ
कभी दृश्य प्रतिमान
सोच से ऊपर
गूढ़ रहस्य !
दोस्ती बनें म...
सरहदें
ऑपरेशन सिंदूर...
पढ़ना बहुत जर...
अलौकिक प्रेम
वर्ष का अंतिम...
तितली
मानसून
महाश्वेता देव...
मिनीमाता' (फर...
हर पल ख्यालों में था उसकी ही बांहों में था लेकिन हकीकत में ना उसका पता था हर पल ख्यालों में था उसकी ही बांहों में था लेकिन हकीकत में ना उसका पता ...
मेरे होटों पर खामोशी नहीं तेरी होठ होना था, शायद कभी दिल मुझे छोड़कर नहीं जाता। मेरे होटों पर खामोशी नहीं तेरी होठ होना था, शायद कभी दिल मुझे छोड़कर नहीं जात...
मेरी आहों में छिपे दर्द को महसूस कर जाना फिर ना कहना, कोई तुझे बदनाम कर गया। मेरी आहों में छिपे दर्द को महसूस कर जाना फिर ना कहना, कोई तुझे बदनाम कर गया।
तुम समेटकर दर्द, फिर उड़ जाना गंतव्य की ओर, तुम समेटकर दर्द, फिर उड़ जाना गंतव्य की ओर,
अंतर्मन के बंधन खोलने बस सृष्टि में सम्मलित होने....... अंतर्मन के बंधन खोलने बस सृष्टि में सम्मलित होने.......
बात छिपाऊँ कोई तो तिरछी नजरों में यूँ शक से देखे, बात छिपाऊँ कोई तो तिरछी नजरों में यूँ शक से देखे,
मेरी मौत पर ज्यादा ख़र्चा करने की कोई जरूरत नहीं मेरी मौत पर ज्यादा ख़र्चा करने की कोई जरूरत नहीं
अरे उसके तो दिल में ही थी हम मौत ढूंढते रहे उसके पांव में। अरे उसके तो दिल में ही थी हम मौत ढूंढते रहे उसके पांव में।
अच्छा लगता है ये पंखा मुझको और ये रस्सी भी अच्छी लगती है। अच्छा लगता है ये पंखा मुझको और ये रस्सी भी अच्छी लगती है।
दिल में तुम्हीं गुलज़ार हो बस...तुम्हीं तो गुलज़ार हो। दिल में तुम्हीं गुलज़ार हो बस...तुम्हीं तो गुलज़ार हो।
यहाँ दौड़ते है लोग हर धर्म के यही पर ही मिलते हैं फल हर अच्छे-बुरे कर्म के यहाँ दौड़ते है लोग हर धर्म के यही पर ही मिलते हैं फल हर अच्छे-बुरे कर्म के
जब से दीवार खड़ी हुई घर में, जाने क्या बात है दोस्त जो भी गया उधर, फिर इधर नहीं आता जब से दीवार खड़ी हुई घर में, जाने क्या बात है दोस्त जो भी गया उधर, फिर इधर नही...
फिर लोग हर मंज़िल का रास्ता, इतना मुश्किल क्यों समझते हैं, क्यों? फिर लोग हर मंज़िल का रास्ता, इतना मुश्किल क्यों समझते हैं, क्यों?
प्यार में एक मास भी पूरा नहीं कर पाए हम। प्यार में एक मास भी पूरा नहीं कर पाए हम।
रब मुहब्बत जिसकी कम नहीं हो कभी जीस्त में दिल का ऐसा जहां दें मुझे रब मुहब्बत जिसकी कम नहीं हो कभी जीस्त में दिल का ऐसा जहां दें मुझे
ज्यों ज्यों सर्दी गहराती है इसकी शरारत और बढ़ जाती। ज्यों ज्यों सर्दी गहराती है इसकी शरारत और बढ़ जाती।
अंदर ही अंदर खुद से हम लड़ते हैं, सच्चे दिल से आज ये कहते हैं। अंदर ही अंदर खुद से हम लड़ते हैं, सच्चे दिल से आज ये कहते हैं।
जिंदगी तो उस खुले किताब के तरह है जिसके पन्ने खुद ही पलट जाते है जिंदगी तो उस खुले किताब के तरह है जिसके पन्ने खुद ही पलट जाते है
मेरा मन टटोल रहा है सुनो नववर्ष कुछ बोल रहा है। मेरा मन टटोल रहा है सुनो नववर्ष कुछ बोल रहा है।
मेरी गजलों को तो अच्छा होना ही था jerry वो एक बोसा देती है, शेर की मिसालों में। मेरी गजलों को तो अच्छा होना ही था jerry वो एक बोसा देती है, शेर की मिसालों मे...