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Dinesh Dubey

Abstract

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Dinesh Dubey

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2050 की दुनिया

2050 की दुनिया

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2050 की दुनिया कमाल होगी,

ना रिश्ते रहेंगे न रहेगा प्यार,

सिर्फ रहेगा व्यापार,

मतलब के होंगे दोस्त यार,


बीमारियों का रहेगा बोलबाला,

उम्र का बजा रहेगा बैंडबाजा,

रिटर्न टिकट साथ ही रहेगा,

दुश्मनी की बरसात रहेगा,।


कोई किसी की नहीं सुनेगा,

मां बाप का कोई नहीं गुनेगा,

अपने पराए का झंझट न होगा,

सब कुछ उंगलियों पर ही होगा,।



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