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डेथ वारंट  भाग 7
डेथ वारंट भाग 7
★★★★★

© Mahesh Dube

Thriller

2 Minutes   7.4K    12


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अगले दिन जब सालुंखे सोया पड़ा था तब उसकी बीवी ने उसे झिंझोड़ कर उठाया और टीवी पर चल रही खबर की ओर उसका ध्यानाकर्षण किया। ब्रेकिंग न्यूज - एक सामाजिक कार्यकर्ता सरफराज खान की हत्या के जुर्म में गृह राज्यमंत्री राम मोहन कुशवाहा गिरफ्तार !पुलिस कमिश्नर आलोक भल्ला ने खुद अपने मंत्री को गिरफ्तार किया।राममोहन ने इस इल्जाम से इनकार किया।विपक्ष द्वारा इस्तीफे की मांग !
सालुंखे की नींद फौरन हवा हो गई। उसने तुरंत नहा धो कर वर्दी पहनी और हेडक्वार्टर के लिए रवाना हो गया। पुलिस कमिश्नर आलोक भल्ला ने उसे थोड़े इंतिजार के बाद अपने केबिन में बुलवाया। सालुंखे ने जाकर सैल्यूट दिया तो भल्ला ने सिर हिलाकर स्वीकार किया लेकिन अपनी नजरें सामने पड़ी फाइल पर जमाये रखी।
सर ! इतनी क्या जल्दी थी ? कल तो आपने मुझे वेट एंड वाच करने को कहा,और खुद जाकर कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया ? आखिर आपने ऐसा क्यों किया सर ?
देखो सालुंखे ,आलोक भल्ला ने गला साफ करते हुए कहा,कल रात कुछ ऐसी परिस्थितियां बन गईं कि राममोहन को फौरन गिरफ्तार करना जरूरी था। तुम चिंता मत करो,तुम्हारी मेहनत का क्रेडिट तुम्हे जरूर दिया जाएगा।
क्या कुशवाहा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया सर ? सालुंखे ने पूछा
नहीं ! कमिश्नर बोले, उसने कहा कि वक्ती गुस्से के हवाले होकर उसने जरूर सरफराज का सिर दीवार से पटका था लेकिन सरफराज को उससे हल्की चोट ही आई थी ,उसकी मौत का तो कोई सवाल ही नहीं उठता !
ओह, सालुंखे बोला, मतलब सिर पर वार करना उसने स्वीकार कर लिया है ? इसका मतलब वही कातिल है।
तभी तो उसे पकड़ा गया है सालुंखे ! खुद हमला करने की बात स्वीकार करके कुशवाहा ने खुद के ताबूत में कील ठोंक ली है।
लेकिन सर ! हमें एक बार उनसे अच्छे से पूछताछ करनी चाहिए।हो सकता है वे सच बोल रहे हों ,आखिर वे हमारे मंत्री रह चुके हैं।
ठीक है ,तुम जाकर बातचीत कर लो ,लेकिन हमें अपराधी से कोई रियायत नहीं करनी है वो चाहे जो हो ! अगर वह अपराधी है तो उसे सजा जरूर मिलेगी।
सालुंखे हवालात में बंद कुशवाहा के पास पहुंचा। वह उसके मंत्री रह चुके थे तो सालुंखे ने सैल्यूट दिया और पूछा,सर क्या सचमुच आपने सरफराज का कत्ल नहीं किया है ?
राममोहन कुशवाहा बोले, नहीं यार ! कल जब मैं टॉयलेट में गया तब सरफराज वहाँ अकेला था,वह मुझे देखकर व्यंग्य से मुस्कुराने लगा,जो मुझसे सहन नहीं हुआ। एक दो कौड़ी का गुंडा मानो मेरा उपहास कर रहा था। मैंने झपट कर उसके सिर पर एक हाथ दिया तो वह लड़खड़ा गया फिर मैं तुरंत चला आया।

रहस्य रोमांच थ्रिल

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