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Poonam Jha 'Prathma'

Inspirational

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Poonam Jha 'Prathma'

Inspirational

खुशी के आंसू

खुशी के आंसू

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दरवाजे की घंटी की आवाज सुनकर रोमा--"कान्ता ( कामवाली ) जरा देखना कौन आया है।"

कान्ता थरथराते हुए--"बीबी जी पुलिससssss ।"

कान्ता की आवाज सुनकर रोमा भागती हुई आयी और देखकर ठिठकर खड़ी रह गयी ।रोमा के मन में कई उथल-पुथल होने लगा ।

ससुराल में सास ननद जेठानी सभी के ताने कानों में गूंजने लगी ।--"बेटी ही तो है और ऐसा प्यार लुटाती है जैसे बेटा हो । कभी-कभी ये भी मजाक कर ही लेते थे ।"

"मम्मा !!! यूँ ही देखती रहोगी ? क्या मुझे लगे नहीं लगाओगी ?"--काव्या रोमा के गले से लिपटती हुई --"ओ ! मेरी मम्मा !!!!!"

रोमा कुछ कह नहीं पा रही थी बस बेटी काव्या को इस वर्दी में पहली बार देखकर खुशी से आँखों से आंसू बहते जा रहे थे।


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