मकड़ जाल भाग 2

मकड़ जाल भाग 2

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मकड़ जाल  भाग 2 

       सबसे पहले विशाल ने लाश की शिनाख्त करने के लिए कमर कसी। पिछले कई दिनों से पुलिस हेडक्वार्टर में जितनी गुमशुदगी की रिपोर्ट्स आई थी उनका अवलोकन किया। दो नौजवान लड़कियाँ अपने घरों से गायब थीं। एक साठ वर्षीय बुजुर्ग सब्जी लेने के लिए घर से निकले थे और वापस घर नहीं पहुंचे थे। दो तीन नौजवान लड़के अपने घरों से गायब थे। विशाल को कोई भी गुमशुदा आदमी इस मृतक के रूप में नहीं जँचा। विशाल ने अपने असिस्टेन्ट कौशल को लाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लाने का आदेश दिया। रिपोर्ट के अनुसार मृतक की आयु पैंतीस से चालीस के बीच थी। उसका गला रेत कर हत्या की गई थी। उसकी लाश से उतारे गए कपड़े चिन्दी के रूप में एक गठरी में मौजूद थे। विशाल ने गठरी खोली और बारीकी से उसका मुआयना करने लगा। कपड़ों की क्वालिटी ठीक-ठाक थी। लिनन की सफ़ेद बुशर्ट रक्त रंजित थी। आदमी पेवर्स इंग्लैंड ब्रांड के महंगे जूते पहने था। कपड़ों और जूतों की बिना पर उसे रईस समझा जा सकता था। लेकिन उसकी हत्या लूटपाट के इरादे से नहीं हुई थी क्यों कि उसके बदन पर सोने की एक जंजीर और राडो की एक घड़ी बरामद हुए थे। अलबत्ता उसका बटुआ नहीं मिला था। अगर लूटपाट के लिए उसकी हत्या हुई होती तो यह सब सामान भी गायब होता। हो सकता है बटुआ इसकी पहचान मिटाने के लिए गायब किया गया हो क्यों कि क़त्ल के बाद हत्यारे ने लाश का चेहरा पत्थर से कुचलकर बिगाड़ दिया था और कपड़ों पर से टेलर के नाम वाले लेबल नोंच लिए थे। जिससे यह सिद्ध होता था कि कातिल कोई नौसिखुआ न होकर काफी सिद्धहस्त था। यह जरूर किसी प्रोफेशनल किलर का काम था। जरूर किसी ने इसकी सुपारी दी होगी, विशाल अपने गाल पर हाथ रखकर सोच में डूब गया। इस लाश की शिनाख्त का कोई सूत्र हाथ नहीं आ रहा था। विशाल ने लोकल मीडिया में लाश की फोटो के साथ विवरण दिया लेकिन परिणाम शून्य रहा। विशाल को आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं मिला।

 


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