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PRIYANKA YADAV

Drama

4.9  

PRIYANKA YADAV

Drama

एक किस्सा अधूरा सा-3

एक किस्सा अधूरा सा-3

2 mins
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अल्फिया का दिल जोर से धड़क रहा था। वो भूरी आँखें जो उसके सामने थी न जाने उससे कितने सवाल पूछ रही थी। पर उसके पास एक का भी जवाब नहीं था। उन आँखों को उसने तस्वीरों में तो कई बार देखा था पर ये कभी नहीं सोचा था की उसे उन आँखों से,उस चेहरे से, या उस शख्स से कभी भी रूबरू होना पड़ेगा। वो ऐसा चाहती भी नहीं थी, क्योंकि वो जानती थी की ऐसा होने पर जिन सवालो का सामना उसे करना पड़ेगा उनमे से एक का भी जवाब उसके पास नहीं होगा।

जब अल्फिया ने उस लड़के के चेहरे पर गौर किया तो ऐसा लगा जैसे वो आइना देख रही हो।आइना जो उसे वक़्त में 16 साल पीछे ले गया। उस चेहरे पर आज भी वही मासूमियत दिख रही थी जो उसने आखिरी बार तब देखी थी जब वो उसे छोड़ आई थी, 16 साल पहले, हमेशा के लिए। इन दोनों के बीच की चुप्पी को आखिर उस लड़के ने तोडा।अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए उसने कहा " हेलो मैम , मेरा नाम अयान है।" उसके बाद वह अपने काम के बारे में बात करने लगा।लेकिन अल्फिया तो कुछ सुन ही नहीं रही थी। वो तो फिर से अपने ख्यालो में खो गयी थी। ' अयान ' कितने प्यार से रखा था उसने ये नाम। अयान, उसके लिए अल्लाह की किसी रहमत से कम नहीं था।

आज जो लड़का उसके सामने खड़ा अपने बारे में बात किये जा रहा था उसे तो ये एहसास भी नहीं था की वो औरत उसे उससे भी बेहतर जानती थी। वो भी उस पहले पल से जो उसके वजूद का पहला पल था। जानती भी क्यों न भला उसकी माँ जो थी। वो माँ जिसने उसे जन्म दिया था। वो माँ जिसने उसे सालो पहले छोड़ दिया था। वो माँ जिसने लौटकर कभी उसके पास जाने की कोशिश तक नहीं की।


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