STORYMIRROR

Neeraj Agarwal

Abstract Fantasy Others

3  

Neeraj Agarwal

Abstract Fantasy Others

वसंत......... ऋतुराज

वसंत......... ऋतुराज

1 min
205

सूरज ने ली अँगड़ाई वसंत बहार आई।

सरसों के फूलों ने सूरजमुखी छवि बनाई।

माँ सरस्वती की हम सभी ने मिलकर वंदना गायी।

आज मौसम ने भी ऋतुराज के मन भावों की बढ़ाई।

रंग बसंती सरसों सूरज मुखी के साथ तितलियाँ आई।

बच्चे बुजुर्ग और बहू बेटियों ने भी ठंड से राहत पाई।

सच मौसम सभी कुदरत के बस वंसत में मस्ती छाई ।

आओ हम सब मिलकर वंसतपंचम का उत्सव मनाए। 

वसंत ऋतुराज का अभिनंदन हम सभी संग मनाए।

वसंत संग मौसम में बहार वसंती रंग के साथ आई। 

सच और एहसासों के संग वसंत बहार अब आई।। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract