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Dinesh Sen

Inspirational

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Dinesh Sen

Inspirational

टॉपर

टॉपर

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यहीं गिरते हैं, उठते हैं यहीं राहें बनाते हैं,

ये गिरने उठने का सुअवसर यहीं दोहराते है।

बनाते हैं कई राहें पर, मंज़िल एक बनाते हैं

टॉपर आसमां से नहीं आते साहब, वो टॉपर बन जाते हैं

वो टॉपर बन जाते हैं।।


रखते हैं तमन्ना दिलों में दीपक जलाए रखते हैं

तूफान नहीं वो तुफां के बवंडर से भी लड़ते हैं।

करते नहीं कल्पना, वो कल्पना सच करते हैं,

इस कल्पना से सच तक, कुछ छन जाते हैं

टॉपर आसमां से नहीं आते साहब, टॉपर बन जाते हैं।।


करेंगे कल, करेंगे तब, करेंगे वक्त आने पर,

लिखेंगे हम भी अपना नाम हमारा तख्त आने पर।

न बनते ये बहाने, ना ही बहते ये बहाने पर

था कल है आज दिल में, अपना ये क्षण क्षण बनाते हैं।

टॉपर आसमां से नहीं आते साहब

टॉपर बन जाते हैं।।


है भोर उनकी सांझ, सांझ है उनका सवेरा

न दिन है आलीशान महल, न रात बसेरा

ये करते सांझ को सच, सुबह को करते ज़िद का सवेरा

सवेरे शाम में शामें सुबह कुछ थम भी जाते हैं

टॉपर आसमा से नहीं आते, वो टॉपर बन जाते हैं।


हर एक लगनशील विद्यार्थी टॉपर है।


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