मेरी बंदगी...
मेरी बंदगी...
मै चाहता तो नही
के तुम पर कोई कयामत आये
पर किसी दिन मेरा दिल
तेरे हसी पर आ जाये
तो कयमात का कसुर हमे ना देना...
तुम्हारा दीदार मेरी रौशनी है
तुम्हारे होने से ही तो
ये जिंदगी जिंदगी है....
तुझे पलभर भी देखूं
तो नशा हो जाता है जादू सा
मेरी ही मर्जी मा माने
प्यार मे दिल बेकाबू सा..
कोशिश करेंगे हम भी
के किसी मैखाने मे ये राज खोल ही दें..
तुम ही जरिया हो मेरे बन्दगी का
दिल की ये बात बोल ही दें।

