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Indu Kothari

Inspirational

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Indu Kothari

Inspirational

# "शिक्षक दिवस"

# "शिक्षक दिवस"

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गुरु ज्ञान की पावन गंगा‌‌ जब वसुधा पर बहती है 

पावन कर देती है जीवन, सघन तिमिर हर लेती 

दुविधा इस मन की मैं गुरुदेव कैसे तुम्हें बताऊं

करूं कौन सा काम मैं ऐसा जिससे तुम्हें रिझाऊं 


 किया मार्गदर्शन आपने मेरा जब भी मैं भरमाया

 मिला आपका ही स्नेहाआशीष जब मैं घबराया 

 आपने ही मेरे मस्तिष्क में विद्या का ताप लगाया 

तपाकर ज्ञान की भट्टी में दमकता कुंदन है बनाया 


पिता के समान प्यार मिला है आपसे मुझको 

मां सा दुलार देने वाले गुरुवर कैसे भूलूं तुझको 

दादी सा लाड़ मिला हर दिन भाई सा अपनापन 

आपके श्रम से महक रहा आज यह जीवन मेरा 


मन में जब कोई अंधड़ उठता तुम संबल बन जाते 

गुरु कृपा के सहारे शिष्य भव सागर से हैं तर जाते 

हुआ धन्य यह जीवन मेरा पाकर आशीर्वाद तुम्हारा 

लेकर आशीष श्री चरणों का जीवन पथ पर जाऊं 

       "धन्यवाद शिक्षक "



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