मेरी मां
मेरी मां
माँ के बिन लगता नही, सुंदर ये संसार
जीत मुझे यूँ लग रही, मानो मेरी हार
मानो मेरी हार, ख़ुशी न मुझे सुहाती
मेरी माँ की याद, मुझे हर पल तड़पातीl
होते क्यों कमज़ोर, बहुत रिश्तों के धागे
जग लगता वीरान, सच कहूँ अब बिन माँ के।
