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संजय कुमार

Romance

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संजय कुमार

Romance

तुम्हारी याद आती है

तुम्हारी याद आती है

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मेरे आंसू हैं आ जाते तुम्हारी याद आने पर

हमेशा ख्वाबों में आती हो कभी तुम सामने आओ।

जरा मैं देख लूं तुमको जरा सा मुस्करा जाओ

मेरे आंसू है आ जाते तुम्हारे याद आने पर।


आऊंगी सामने तेरे बताओ तुम कहां पर हो

मैं कैसे आऊं तुम्हारे पास मेरे घर पे लगा पहरा।           

जरा महसूस कर लो तु तुम्हारे पास रहतीं हूं

सामने से लागे है डर की सपनों में ही अच्छा है

मेरे आंसू हैं आ जाते तुम्हारी याद आने पर।


अगर करती हो मुझसे प्यार तोड़ दो सारे पहरों को

नहीं डरना जमाने से हमें तो प्यार है तुमसे।

रहेंगे साथ हम दोनों किसी वीरान दुनियां में

जहाँ हो साथ हम दोनों दूसरा कोई और न हो

मेरे आंसू हैं आ जाते तुम्हारी याद आने पर।


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