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संजय कुमार

Abstract Tragedy

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संजय कुमार

Abstract Tragedy

गिद्धों की महफ़िल।

गिद्धों की महफ़िल।

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है, यहां गिद्धों की महफ़िल बनी

आसमान में, सफर करने मत निकलना

है, इनकी नजर बस तुम्ही पर हर तरफ

बनाएंगे ये अपनी भूख का शिकार

बाहर जरा संभल कर चलना।

होते हैं, इन पर बटेर पक्षियों के पहरे

उनको, दुर्लभ पर कभी आस नहीं आता

ये तो, कर देते हैं, अपनों का भी शिकार

इनको अपना पराया नजर नहीं आता।


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