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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

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संजय असवाल "नूतन"

Inspirational

बेटियां

बेटियां

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ना डरेंगे ना थकेंगे

हम भी आगे बढ़ेंगे

हम बेटियां हैं तो क्या हुआ

सपनों को अपने 

हम भी

ऊंची उड़ान देंगे।

बेटियां भी इस प्रगतिशील

समाज का हिस्सा बन सकती हैं,

बेटों के साथ 

कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती हैं,

 नई सोच 

नए बदलाव में ढल सकती हैं,

हर लम्हा 

खुशियों का रौशन कर सकती हैं,

इन्हे भी इनके हिस्से की आजादी दे दो

आगे बढ़ने का अवसर इनको दे दो।


बेटियां हुई तो बधाई किस बात की ?

बेटों को छूट और 

बेटियों पर पाबंदी किस बात की ?

बेटा घर का चिराग और 

बेटियां पराया धन,

ये मिथ्य बदलना होगा

ये सोच बदलनी होगी

पढ़ने का अवसर इन्हें देकर,

हमें समाज बदलना होगा।


दृढ़ संकल्प दृढ़ विचारों से

अब इनके सपने होंगे पूरे,

असंभव जैसे शब्द भी

बेटियों के लिए अब नहीं होंगे,

अब बेटियों को 

जिंदगी की दौड़ पूरी करनी है,

"अवनी" बन 

आसमा में 

लंबी उड़ान भरनी है।


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