Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
देवताओं का षडयंत्र
देवताओं का षडयंत्र
★★★★★

© Naayika Naayika

Romance

1 Minutes   14.2K    8


Content Ranking

वो जिज्ञासा के ग्रन्थ में जोड़ता है रोज़ नए सूत्र 
मैं आकर्षण के शाश्वत नियम की रचती हूँ लीलाएं

वो ब्रह्माण्ड की विशालता पर अभिभूत देख नहीं पाता 
सबसे करीबी विचार की घेराबंदी 
मैं सबसे करीब विचार की खिड़की से देख लेती हूँ
ब्रह्माण्ड के मैदान में पृथ्वी का गेंद की तरह उछलना 

वो प्रेम में देह के गुणा के बाद भी 
ऋण चिह्न के साथ बचता है 
मैं प्रेम से देह को घटाकर भी 
धनात्मक हो जाती हूँ 

उसकी बातों का प्रेम रसायन क्षारीय है 
मेरे अम्लीय मौन को संतृप्त होने की लालसा 

लेकिन मिलन की आस का अंतिम क्षण 
घड़ी के कांटे पर आकर टूट गया है 
समय ने टूटे क्षण को अतीत कहकर 
रोक लिया है वर्तमान में प्रवेश से 

जीवन सारे विषयों समेत हाज़िर है उसकी सेज पर 
वो विषय को विकार समझ देवताओं के गीत गा रहा है 

वो नहीं जानता ये देवताओं का ही षड्यंत्र है 
कि आत्मा को परमात्मा तक पहुँचने के लिए 
देह की गुफा से गुज़रना होगा... 

गुफा के प्रवेश द्वार पर मैंने आशा का एक दीप जलाया है
बुझने से पहले कदाचित वो नेह डाल जाए... 

 

नायिका माँ जीवन शैफाली कविता प्रेम

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..