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Vijay Kumar

Inspirational

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Vijay Kumar

Inspirational

प्यारी माँ

प्यारी माँ

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भाग-भाग कर मुझे खिलाती वो

लोरिया गा कर अक्सर मुझे सुलाती वो

हर दुःख से परे होकर मुस्कुराती वो

क्योकि मेरी प्यारी माँ है वो,

 

हर जिम्मेदारी को निभाती वो

मेरे गिर पड़ने पर उठाती वो

मेरी हर शरारत को भूल जाती वो

धरती पर भगवान का दूसरा रूप है वो


हर रिश्ते को निभाती वो

रोते हुए को हँसाती वो

रूठे हुए को मनाती वो

क्योकि मेरी प्यारी माँ है वो


 अपने आँचल से मुझे छिपाती वो

 हर मुश्किल से मुझे बचाती वो

अपने आँसुओं को अक्सर छिपाती वो

हर मुश्किल से मुझे लड़ना सिखाती वो


परिवार का पूरा ख्याल रखती वो

हर पल काम में उलझी रहती वो

फिर भी नहीं थकती वो

क्योंकि मेरी प्यारी माँ है वो।


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