वो कौन था भाग 2
वो कौन था भाग 2
काली गाड़ी में बैठता है और गाड़ी स्टार्ट कर आगे बढ़ता है, वैसे ये रास्ता रात के लिए बहुत खतरनाक है, रास्ते में कई स्थान तो भुतहा पड़ता है, और कई इलाका लुटेरों से भरा पड़ा है,अब गाड़ी ऐसे ही एक भुतहा स्थान से गुजर रहा है,काली को दूर रास्ते के बीच एक बैल खड़ा दिखता है, वह करीब आठ फीट ऊंचा है और हाथी की तरह उसका शरीर और उसकी लाल लाल आंखें देख कोई भी डर सकता है, उसे देख काली बड़बड़ाते हुए कहता है," आज इसे भी सबक सिखाना चाहिए,"! शर्मिला सुनकर पूछती है " क्या हुआ,? काली भईया अब किसको सबक सिखाएंगे,"! वह कहता है " शर्मिला जी ,आप आंखे बंद कर के बैठिए ,रात का समय है, पेड़ पौधे भी भूत की तरह नजर आते हैं, "! तब तक गाड़ी उस बैल के पास पहुंचती है,तो बैल फुफकारने लगता है,दरअसल ये बैल नही है, बल्कि उस स्थान पर रहने वाला प्रेत है ,जिसकी मृत्यु इसी जगह पर एक एक्सीडेंट में हो गई थी, और आज तक उसी जगह डेरा जमाया हुए है, और हर महीने एक बलि लेता है, आज बलि वाला दिन ही है, और शर्मिला उसी समय वहां पर पहुंच गई थी, काली गाड़ी रोकता है ,तो वह फुफकारने लगता है,काली गाड़ी स्टार्ट कर एक साइड से निकाल कर चल देता है , उस प्रेत को बहुत गुस्सा आता है, क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ कि उसकी बलि उसके पास से निकला जा रहा है,वह गाड़ी के पीछे बड़ी तेज़ी से हवा में बाते करते हुए भागता है, काली उसे बैक मिरर में पीछे आते देखता है तो वह गाड़ी को उतनी ही तेजी से भगाता है,अगर शर्मिला उस वक्त टैक्सी का स्पीड मीटर देख लेती तो वह वैसे ही बेहोश हो जाती , इस वक्त उसकी गाड़ी की स्पीड जितनी थी उतनी तो स्पीड मीटर में नंबर भी नहीं था,। बैल उसके पास पहुंचता है तो काली गाड़ी को एकदम से गाड़ी रोकता है तो बैल हड़बड़ा कर रुकने जाता है तो कई चक्कर कटकर रोड के एक तरफ लुढ़कते जाता है, काली गाड़ी रोक कर धीरे से उतरता है, और बैल की तरफ बढ़ता , बैल उसको देख गुस्से में उठता है वह अपना रूप बदल कर एक खतरनाक प्रेत के रूप में आता है, उसके चेहरे पर मांस के टुकड़े लटक रहे थे जिसमे से खून टपक रहा था वह गुर्राते हुए कहता है " तू कौन है और मेरे काम में बाधक क्यों बन रहा है,"! काली कहता है " तु निर्दोष लोगो की बलि क्यों ले रहा है, तु अपनी गलती से मारा तो उसका बदला निर्दोष लोगो को मारकर लेगा,"! वह कहता है " तु जो भी होगा में तुझे भी नहीं छोडूंगा ,! वह फिर बैल का रूप धारण करता है और काली की तरफ दौड़ता है ,काली उसे देख मुस्कुराता है वह जैसे ही उसके करीब पहुंच कर उसे सिंग से उठाकर फेकने का प्रयास करता है तो काली उसकी सिंग पकड़ कर उसको उठाकर गोल गोल घुमाने लगा और कई चक्कर घुमाने के बाद वह उसे जोर से छोड़ता है,वह वहां से बहुत दूर जाकर गिरता है उसके नथुनों,और कान मुंह से खून निकलने लगता है, काली उसके पास जाकर बोला " बोल भाई , अब तू इस जगह को छोड़कर अन्य किसी स्थान पर जाकर किसी को बिना परेशान किए रहेगा या इसी प्रकार बलि लेगा, वह आंखे खोल देखता है और पूछता है," तुम कौन हो,कोई साधारण आत्मा नही हो ,कौन हो ,! काली मुस्कराकर देखता है, और कहता है " मैं कौन हूं ये बाद में जान लेना ,अभी तो जो मैने पूछा है उसका जवाब दे , तु यहां से जायेगा या तुझे और कहीं पहुंचा दूं, "! वह साधारण रूप में आता हैं, और हाथ जोड़कर कहता है, मैं तो चला जाऊंगा , अभी चला जाऊंगा , पर आगे वो पहलवान प्रेत का क्या करोगे जो आज के दिन तो बलि लेता ही है और वह मुझसे भी दस गुना अधिक ताकतवर है,! काली कहता है " तु अपनी सोच ,बाकी आज सभी को मैं ठिकाने लगाऊंगा मैं इसी दिन का ही इंतजार कर रहा था और वह मौका मिल गया,तुम लोगो की वजह से पूरे आत्माओं का नाम खराब होता है, तुम कुछ दुष्ट लोगो की वजह से हम लोग भी इंसानों की तरह हो गए हैं, जो अपने मतलब के लिए कुछ भी करते हैं, मैं तुम जैसों को सजा देने ही आया हुं, ! समझे चलो निकल लो और दुबारा सुना तो जला दूंगा,"! वह उठता है,बैल वहां से गायब होता है,।
शर्मिला काली को काफी देर होने की वजह से गाड़ी के नीचे उतरती है,तो वह नजर नहीं आता है तो उसे डर लगता है,चारो तरफ घुप अंधेरा है कुछ नजर नहीं आता है, तभी एक तरफ से काली आता है वह कहती है," कहां चले गए थे,मुझे घर पहुंचना है और मुझे लग नही रहा की आप पहुचाओगे ,! काली मुस्कराकर कहता है, " मेरी बहना ,आज की रात ही पहुंच जाओगी,।चलो बैठो,दोनो बैठते हैं गाड़ी आगे बढ़ती है,!!
आगे की कहानी अगले भाग में पढ़िए ,,!!

