उफ्फ ये दिवाली की सफाई
उफ्फ ये दिवाली की सफाई
रविवार का दिन था दस बज गए थे पर आकाश और दोनो बच्चे आराम से सो रहे थे।रिया का गुस्सा तो जैसे सातवें आसमान पर चढ गया था।
" दस दिन रह गए है दिवाली को लेकिन अब तक सारा काम पेडिंग है सफाई,शापिंग, पार्लर, मिठाई बनाना कब होगा सारा काम घर तो जैसे मेरे अकेली का है। कल रात ही बता दिया था सुबह जल्दी उठ जाना और सफाई में मेरा हाथ बंटा देना, लेकिन इन लोगों को तो कुछ पड़ी ही नहीं है घोड़े बेच कर सो रहे है ।कब से चिल्ला रही हूं लेकिन इन लोगों के कानों तले जूँ तक नहीं रेंगती।"
"लव कुश उठो रात को बताया था ना आज दिवाली की सफाई करनी है कम से कम अपना कमरा तो साफ कर लो।"
क्या हुआ माँ सोने दो ना संडे ही तो हैं आराम से कर लेगे सफाई।
अगर कोई निंद करने की प्रतियोगिता हो तो फस्ट प्राइज मिलेगा इन दोनों को। रिया मन ही मन बड़बड़ा रही थी।
आकाश आप तो उठो यार ,आप ही नहीं उठोगे तो बच्चे कैसे उठेंगे जैसा बाप वैसे बच्चे।
क्या हुआ रिया क्यों चिल्ला रही हो आओ तुम भी सो जाओ थोड़ी देर।
नही सोना मुझे बड़ी सात जन्मों का साथ निभाने की कसमे खाते हो साल मे एक दिन तो साथ निभा देते। देखो तुम्हारे दिनेश को, रोमा बता रही थी सफाई करने मे पूरी मदद की उसने लेकिन आप ...
अरे डार्लिंग चुप भी करो अब..
थक चुकी मै तो इसी जन्म में साथ निभाते निभाते
इतने मै आकाश का मोबाइल बजा...सातो जन्म मै तेरे साथ रहूंगा यार
रिया का गुस्सा और भी बढ गया।
ये लो तुम्हारे लिए कॉल है ,मेरे लिए हाँ हाँ तुम्हारे लिए बात तो करो
हेलो ..
हेलो...मेम मै रामू दिलिप बोल रहा हूँ। कल आपके यहां से हाऊस क्लिनिंग के लिए बुकिंग की थी तो क्या हम आ जाये।
हाँ लेकिन..
मेम एक बार आपका पता बता रहे है चेक कर लिजिये।
और फिर कुछ ही देर मे दो लोग आये सफाई की पूरी तैयारी के साथ।
मेम आपको कुछ नहीं करना है आप सिर्फ हमें बता दिजिये शुरुआत कहा से करनी है।
और फिर रिया पूरे दिन आराम से इंसटरक्सन दिये जा रही थी शाम तक तो घर जगमगा उठा था, जैसे दिवाली आज ही हो, और साथ मे रिया का चेहरा भी।
आकाश ने मस्तीभरी निगाहो से रिया की तरफ देखा और पूछा क्यों जानेमन अब तो सात जन्मो का अग्रिमेंट साईन करोगी ना मेरे साथ
