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Akanksha Gupta (Vedantika)

Tragedy

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Akanksha Gupta (Vedantika)

Tragedy

थोड़ा सा तो है

थोड़ा सा तो है

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“आज नमक बहुत ही कम रह गया सब्जी में“

“अच्छा मम्मी जी, लेकिन मुझे तो दीदी ने भी कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सब्जी ठीक लग रही है तो मैंने भी इतना ध्यान नहीं दिया।”

"वो तो ऐसी ही हैं । एक दिन सड़क पर किसी गरीब बच्चे को सड़क पर लंगर खाते हुए देख लिया और उसके मन में यह बात बैठ गई कि अपने पास कम से कम थोड़ा सा तो है लेकिन उनका क्या जिनके पास नमक के लिए सब्जी ही नहीं है."


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