Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

christian saini

Classics


5.0  

christian saini

Classics


थैंक यू माँ

थैंक यू माँ

1 min 541 1 min 541

आज कुछ कहना चाहती हूँ आज कुछ बोलना चाहती हूँ थैंक यू माँ,

तू वो जो डाँट-डाँट के पूरा घर सिर पे ले लेती पर जब एक आँसू भी बहे मेरी आंख से तो खून तेरा जलता, हर वक़्त मुझे बुरा बोलती की कुछ अच्छा शिखू पर जब दुनिया बुरा बोलती, सबकी बोलती बंद करती माँ, कही भूखी तो नहीं मेरी बेटी ला पूछ लेती ये सिर्फ तू सोचती है माँ, दूर है मेरी बच्ची खाना भी नहीं खाती आज आयेंगी कुछ अच्छा पकाती हूँ।

ये तेरी फिक्र माँ, थैंक यू माँ, खुद के शोख अपने बच्चो में खोजती तू माँ पर सॉरी माँ तूने मुझे छोटी सी गुड़िया से इतना बड़ा किया अच्छी परवरिश दी पर तभी भी में तेरी परछाई जैसी भी ना बन पायी।

थैंक यू माँ, कभी मिलेंगी किस्मत राह में तो कहना है थैंक यू कि तुने इस औरत को मेरी माँ बनाया।

थैंक यू माँ।


Rate this content
Log in

More hindi story from christian saini

Similar hindi story from Classics